आने वाला समय अब सायबर युद्ध की है उस वक़्त हथियार से गोला बारूद से नहीं होगी लड़ाई बस सायबर हमला होगा और फिर कुछ मिनट में सब खत्म...
कई बार लोगों के पास फर्जी ई-मेल आते हैं और उस मेल में कुछ प्रोलोभन दिया जाता है जैसे की आप ......विजेता हो गए और आपको 200000 लाख का इनाम दिया जाता है.... ये अब पुरानी बात हो गई...आपको आपने अपने किसी दोस्त से सुना होगा कि उसका अकाउंट किसी ने हैक कर लिया और उससे ठगी वाले कुछ मेल जो attach के ज़रिये भेजे जा रहे हैं. दरअसल, हैकर आपके कंप्यूटर या आपके संबंधित अकाउंट पर पूरी तरह से हावी हो जाता है. जिसके बाद उसे आपके डेटा को चुराने या खत्म करने की आजादी मिल जाती है. वाई-फाई इंटरनेट कनेक्शन से चलने वाले सिस्टम को हैक करना ज्यादा आसान होता है. कुछ समय पहले ही लंदन में एक इंटरनेट सिक्यॉरिटी फंड ने ऑनलाइन मार्केट में हैकर्स द्वारा बेचने के लिए रखा गया ढेर सारा पर्सनल डेटा पकड़ा था. इनमें से एक हैकर ने साढ़े 10 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड्स चुराए थे, जो साइबर क्राइम के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी चोरी है. इस डेटा में 36 करोड़ से ज्यादा अकाउंट्स के क्रिडेंशल्स और साढ़े 12 लाख से ज्यादा ई-मेल एड्रेस थे. भारत में भी सरकारी मंत्रालयों, बीएसएनल जैसी दूसरी वेबसाइट्स पर हैकरों के हमले बढ़े हैं. कंप्यूटर में हैकिंग की बढ़ती घटनाओं से ही निपटने के लिए ही आज एथिकल हैकर्स की जरूरत महसूस की जा रही है.एथिकल हैकर ऐसे साइबर एक्सपर्ट होते हैं, जो किसी भलाई के लिए हैकिंग और हैकिंग से बचाव करते हैं. ये एक तरह से साइबर वर्ल्ड के टेक्निकल वॉरियर या जेम्स बॉन्ड हैं, जो अपनी टेक्निकल स्किल और दिमाग से साइबर वर्ल्ड के दुश्मनों या विलेन से मुकाबला करते हैं. फेसबुक, गूगल जैसी सोशल नेटवर्रि्कग साइट्स, सर्च इंजन्स आदि में तकनीकी खामी यानी बग बाउंटी खोजने के लिए बाकायदा एथिकल हैकर्स की सेवाएं ली जा रही हैं. गूगल ऐसे प्रोफेशनल्स को 100 से 20 हजार डॉलर तक पे कर रहा है.
एक रिसर्च के अनुसार, ग्लोबल साइबर मार्केट दिनों दिन बढ़ रहा है. साल 2011 में जहां यह 63 बिलियन डॉलर का था, वहीं 2017 तक इसके बढ़कर 120.1 बिलियन डॉलर का हो जाने का अनुमान है. नैस्कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल आईटी सिक्योरिटी एक्सपर्ट की मांग 10 लाख तक पहुंच जाने की उम्मीद है. आईटी ग्रेजुएट्स की तो इसमें खूब डिमांड है ही, नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स भी एथिकल हैकिंग या साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा कोर्स करके इस फील्ड में करियर बना सकते हैं.
एथिकल हैकिंग में स्कोप
2012 में 42 मिलियन इंडियंस हुए साइबर क्राइम के शिकार
करीब 4.7 लाख साइबर एक्सपर्ट्स की इंडिया में है जरूरत
पांच लाख एथिकल हैकर्स को ट्रेन करने की योजना……
साइबर फ़ोर्स जरूरी है एक ऐसा फ़ोर्स जो साइबर से जुड़े सभी हथियार से लेश हो उसके पास ज्ञान का वह मिसाइल,टूल्स के रूप में रोकेट लाँचर हो जो बड़े से बड़े हैकर्स को परास्त कर दे...
आगे हम ये जानेगे की हम किस तरह और कहा से एक साइबर एक्सपर्ट्स बन सकते है…..
Hemant Sarkar
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